Share This on
लद्दाख की बेटी ने रचा इतिहास 🇮🇳🔥 दूर-दराज़ ज़ांस्कर घाटी से निकलकर स्टैनजिन त्सांगयांग बनीं भारतीय सेना की अफसर 👀 कठिन पहाड़ों, सीमित संसाधनों और अनजान रास्तों के बीच पली-बढ़ीं स्टैनजिन ने अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया। NCC से प्रेरणा लेकर उन्होंने वो मुकाम हासिल किया, जहाँ पहुँचने का सपना उनके इलाके में किसी ने सोचा भी नहीं था। Read more
लद्दाख की बेटी ने रचा इतिहास 🇮🇳🔥
दूर-दराज़ ज़ांस्कर घाटी से निकलकर स्टैनजिन त्सांगयांग बनीं भारतीय सेना की अफसर 👀
कठिन पहाड़ों, सीमित संसाधनों और अनजान रास्तों के बीच पली-बढ़ीं स्टैनजिन ने अपने सपनों को हकीकत में बदल दिया।
NCC से प्रेरणा लेकर उन्होंने वो मुकाम हासिल किया, जहाँ पहुँचने का सपना उनके इलाके में किसी ने सोचा भी नहीं था।
Share This on
काठमांडू में रह रहे महज 12 साल के मासूम बच्चे शेरिंग की कहानी ने आज हर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख दिया है। शेरिंग रोज दरवाजे पर टकटकी लगाए अपने मम्मी-पापा के घर लौटने का इंतजार कर रहा है यह जाने बिना कि वे कभी लौटकर नहीं आएंगे। 26 अगस्त का नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भारी ग्लेशियर टूटने के बाद 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में शेरिंग के माता-पिता बह गए थे। इस भयावह आपदा में कई जिंदगियां काल के ग Read more
काठमांडू में रह रहे महज 12 साल के मासूम बच्चे शेरिंग की कहानी ने आज हर संवेदनशील दिल को झकझोर कर रख दिया है। शेरिंग रोज दरवाजे पर टकटकी लगाए अपने मम्मी-पापा के घर लौटने का इंतजार कर रहा है यह जाने बिना कि वे कभी लौटकर नहीं आएंगे। 26 अगस्त का नेपाल-तिब्बत सीमा के पास भारी ग्लेशियर टूटने  के बाद 26 अगस्त को आई अचानक बाढ़ में शेरिंग के माता-पिता बह गए थे। इस भयावह आपदा में कई जिंदगियां काल के ग
Share This on
हनुमान अंश के बाद चर्चा में नीब करोरी बाबा का परिवार...more Read more
हनुमान अंश के बाद चर्चा में नीब करोरी बाबा का परिवार...more
Share This on
Rashmi कौन थी? UP पुलिस कांस्टेबल ने पत्नी को दी खौफनाक मौत...more Read more
Rashmi कौन थी? UP पुलिस कांस्टेबल ने पत्नी को दी खौफनाक मौत...more
Share This on
वैभव सूर्यवंशी के DRS ने किया कमाल, चिल्लाने से मान...more Read more
वैभव सूर्यवंशी के DRS ने किया कमाल, चिल्लाने से मान...more
Share This on
चीनी के एक्स-मिल भाव ₹70 से गिरकर फिर ₹44-₹45 प्रति किलो के करीब पहुंच गए हैं! लेकिन सवाल है—जब मिलों में कीमतें इतनी गिर गईं, तो रिटेल बाजार में चीनी अभी भी ₹60-₹63 प्रति किलो क्यों बिक रही है? पुराने महंगे स्टॉक और सप्लाई चेन के कारण ग्राहकों को पूरी राहत मिलने में अभी 7 से 10 दिन लग सकते हैं। Read more
चीनी के एक्स-मिल भाव ₹70 से गिरकर फिर ₹44-₹45 प्रति किलो के करीब पहुंच गए हैं!  लेकिन सवाल है—जब मिलों में कीमतें इतनी गिर गईं, तो रिटेल बाजार में चीनी अभी भी ₹60-₹63 प्रति किलो क्यों बिक रही है?  पुराने महंगे स्टॉक और सप्लाई चेन के कारण ग्राहकों को पूरी राहत मिलने में अभी 7 से 10 दिन लग सकते हैं।
Share This on
जानिए आपका टूथ शेड क्या कहता है? Read more
जानिए आपका टूथ शेड क्या कहता है?
Share This on
चीनी के एक्स-मिल भाव ₹70 से गिरकर फिर ₹44-₹45 प्रति किलो के करीब पहुंच गए हैं! लेकिन सवाल है—जब मिलों में कीमतें इतनी गिर गईं, तो रिटेल बाजार में चीनी अभी भी ₹60-₹63 प्रति किलो क्यों बिक रही है? पुराने महंगे स्टॉक और सप्लाई चेन के कारण ग्राहकों को पूरी राहत मिलने में अभी 7 से 10 दिन लग सकते हैं। Read more
चीनी के एक्स-मिल भाव ₹70 से गिरकर फिर ₹44-₹45 प्रति किलो के करीब पहुंच गए हैं!  लेकिन सवाल है—जब मिलों में कीमतें इतनी गिर गईं, तो रिटेल बाजार में चीनी अभी भी ₹60-₹63 प्रति किलो क्यों बिक रही है?  पुराने महंगे स्टॉक और सप्लाई चेन के कारण ग्राहकों को पूरी राहत मिलने में अभी 7 से 10 दिन लग सकते हैं।
Share This on
चेन्नई के गोपालपुरम इलाके में रहने वाले 94 वर्षीय के. षण्मुगसुंदरम हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 26 वर्षों में उन्होंने एक भी दिन का अवकाश नहीं लिया। चाहे मूसलाधार बारिश हो, तेज बुखार हो या फिर कोविड-19 महामारी का खौफनाक दौर षण्मुगसुंदरम ने कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे। अपने जीवन में उन्होंने ऑटो पार्ट्स का बिजनेस संभाला, पानी के भारी केन डिलीवर किए और अपनी बीमार पत्नी की सेवा की। Read more
चेन्नई के गोपालपुरम इलाके में रहने वाले 94 वर्षीय के. षण्मुगसुंदरम हैरान करने वाली बात यह है कि पिछले 26 वर्षों में उन्होंने एक भी दिन का अवकाश नहीं लिया। चाहे मूसलाधार बारिश हो, तेज बुखार हो या फिर कोविड-19 महामारी का खौफनाक दौर षण्मुगसुंदरम ने कभी अपने कदम पीछे नहीं खींचे।
अपने जीवन में उन्होंने ऑटो पार्ट्स का बिजनेस संभाला, पानी के भारी केन डिलीवर किए और अपनी बीमार पत्नी की सेवा की।
Share This on
सत्य निकेतन के बाद फिर वही सवाल, कब जागेगा सिस्टम... more Read more
सत्य निकेतन के बाद फिर वही सवाल, कब जागेगा सिस्टम... more